नई दिल्ली. क्रिकेट के इतिहास में जब दो बल्लेबाज क्रीज पर पैर जमा लेते हैं, तो मैदान पर सिर्फ रन नहीं बनते, बल्कि कहानियां लिखी जाती हैं. टेस्ट क्रिकेट की लंबी और थका देने वाली फॉर्मेट में कुछ ऐसी पार्टनरशिप हुई हैं, जिन्होंने न सिर्फ विरोधी टीम के गेंदबाजों के हौसले पस्त किए, बल्कि इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों से दर्ज करा लिया. आइए चलते हैं समय के उस सफर पर, जहां टेस्ट क्रिकेट की 5 सबसे बड़ी और ऐतिहासिक साझेदारियां परवान चढ़ीं.
साल 2006 का जुलाई महीना था. कोलंबो का सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान एक ऐसी ऐतिहासिक घटना का गवाह बनने जा रहा था, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रीलंका की टीम पहली पारी में सिर्फ 14 रनों पर अपने दो शुरुआती विकेट गंवाकर संकट में थी. क्रीज पर उतरे श्रीलंका के दो सबसे भरोसेमंद स्तंभ कुमार संगकारा और माहेला जयवर्धने. इसके बाद जो हुआ, उसने क्रिकेट के इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया. दोनों बल्लेबाजों ने अफ्रीकी गेंदबाजों की हर रणनीति को नाकाम करते हुए तीसरे विकेट के लिए 624 रनों की रिकॉर्ड तोड़ साझेदारी कर डाली. संगकारा ने जहां 287 रनों की शानदार पारी खेली, वहीं कप्तान जयवर्धने ने 374 रन कूट दिए. डेल स्टेन और मखाया एनटिनी जैसे दिग्गज गेंदबाज विकेट के लिए तरस गए. यह आज भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी विकेट के लिए की गई सबसे बड़ी साझेदारी है, जिसने श्रीलंका को एक ऐतिहासिक जीत दिलाई.




