अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की। इस फैसले का असर वैश्विक बाजारों और भारतीय रुपये पर भी पड़ सकता है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने तीन साल से अधिक समय में यह पहला मौका है जब फेड ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। [1, 2, 3]
फैसले के मुख्य बिंदु
- ब्याज दर में वृद्धि: फेडरल फंड्स रेट अब बढ़कर 3.75% – 4.00% हो गई है। [1]
बाजार और अन्य प्रभाव
- कमोडिटी: सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। [1]
- भारत पर असर: इस फैसले से भारतीय शेयर बाजार, विदेशी संस्थागत निवेश (FII) की निकासी और रुपये पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, भविष्य में वैश्विक कर्ज भी महंगे हो सकते हैं




